हाईकोर्ट का आदेश, कहा- नोटा का प्रचार- प्रसार करे चुनाव आयोग

पांच राज्यों के चुनाव के नतीजें 11 दिसंबर को आएंगे। जहां तीन राज्य में जनता अपना फैसला लिख चुकी है तो वहीं 7 दिसंबर को राजस्थान और तेलंगाना में जनता वोट करेगी। गरमाती सियासत में वार- पलटवार का सिलसिला तेजी से देखने को मिल रहा है। ऐसे में हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने भारतीय निर्वाचन आयोग को आदेश जारी किए हैं कि भविष्य में होने वाले चुनवाों को देखते हुए नोटा के लिए जो गाइडलाइन तैयार की है, उसका व्यापक प्रचार- प्रसार किया जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। आगामी लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर प्रचार किया जाए।

किसने दिया फैसला
जस्टिस सतीशचंद्र शर्मा, जस्टिस वीरेन्द्र सिंह की खंडपीठ ने ये फैसला दिया है। बता दें कि 26 नवंबर के ठीक पहले ये याचिका उज्जैन के यशवंत अग्निहोत्री ने दायर की थी। जिसके बाद हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी करने के बजाय प्रचार- प्रसार की स्थिति साफ करने के लिए कहा है। वोटिंग के बाद फिर हुई सुनावई
प्रदेश में 28 को वोटिंग के बाद 30 नवंबर को फिर हाईकोर्ट ने इस केस को सुना। चुनाव आयोग की तरफ से स्थिति साफ नहीं की गई तो हाईकोर्ट ने सीधे चुनाव आयोग के लिए आदेश जारी कर दिए। अब चुनाव आयोग को लोकसभा चुनाव से पहले नोटा के लिए बनाई गई गाइडलान को ध्यान में रखकर व्यापक प्रचार-प्रसार करना होगा। मैदान में किसके कितने प्रत्याशी
एक तरफ जहां मध्य प्रदेश में प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला पेटी में बंद है तो वहीं 200 सीटों के लिए राजस्थान में कुल 2294 प्रत्याशी मैदान में हैं। जिसमें से भाजपा ने 200 प्रत्याशी, कांग्रेस ने 195, बसपा ने 190, आम आदमी पार्टी ने 142, भावापा ने 63, रालोपा ने 58 और अरापा ने 61 कैंडिडेट मैदान में उतारे हैं। बता दें प्रदेश में 7 दिसंबर को वोटिंग होगी जबकि 11 दिसंबर को नतीजे सबके सामने होंगे।

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