वोटर और राजनेताओ ने की हत्या

विडम्बना तो देखो युवा रोजगार हिन् आत्महत्या करने को मजबूर नेताओ को पार्टी और पैसा के आगे कुछ नहीं दीखता। ऐसे देश का कहा से विकास होगा जहा मोत के अलावा दूसरा रस्ता नहीं हो युवा के पास जो देश नोकरशाही तन्तर को तो बढ़ावा दे मगर नौकरी न दे, ऐसे में देश के युवा के सामने रहता क्या है वोटर भी दोषी है जो ऐसे नेताओ का चुनाव करते है, जो देश को लूट रहे है सजा कोण सुनाये जहा सब पोप बायीं का राज वह मोत की रस्ता है। प्रजातन्तर को पार्टीतंत्र बना के वोटरो ने देश पे कुसासन की स्थापना की लगता है एक बार कृष्ण को अर्जुन त्यार करना होगा वोट फॉर नोटा

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