भगवान भरोसे देश के युवा ?

देश का हर नागरिक भ्रष्टाचार से परेशान हैं, चाहे वह सरकारी कार्य हो या प्राइवेट कार्य हर महकमा भ्रष्टाचार में लिप्त हैं , चपरासी से लेकर बड़े से बड़े सरकारी महकमे का कर्मचारी इस गोरखधंधे में व्यस्त हैं, देश के बड़े-बड़े कानून इस भ्रष्टाचार के आगे फेल हैं, क्योकि देश की कानून व्यवस्था भी अब ‘’बलि के बकरे’’ समान हो चुकी हैं ,क्योंकी देश का हर कानून पैसे की चमक के आगे फ़ीका पड़ना स्वभाविक सी बात हो गयी हैं, बात करे देश के नोजवान की जो अपनी पढ़ाई पूरी कर दिन-रात मेहनत करके कम्पीटीशन की तेयारी करता हैं और फिर किसी सरकारी जॉब के लिए मोटी सी फीस के साथ अप्लाई करता हैं और तब उसे दुःख होता हैं जब उस पेपर को तेयारी और पैसा इस बात के लिए बर्बाद होता हैं पेपर करवाने वाली संस्था ने कुछ अभ्यर्थियों से पैसे लेकर उस पेपर को लीक कर दिया और पेपर केंसल हो गया ! आखिर क्या बीतती होगी देश के युवा पर जिसके माँ-बाप की गाढ़ी कमाई खर्च करके बी-टेक और ऍम.बी.ए. जेसी डिग्रियां हासिल की ,उसे चपरासी तक की नोकरी नही मिल रही ! इससे युवाओ में भारी हताशा है और युवा यह कहते हैं की “ पकोड़े बेचकर “ जीवन बिताना नही चाहते ! यही हाल देश की शिक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं का हैं जो देश के ग्रामीण अंचलो में सिर्फ कागजो पर चल रही हैं जिसमे अरबो रुपया बर्बाद हो रहा हैं और जनता को कुछ भी लाभ नही हो रहा हैं , और यह बहुत ही गंभीर स्थिति हैं , बेंको से अरबों रुपया निकाल कर विदेश भागने वाले विजय माल्या व् नीरव मोदी जेसे लोगो ने आम भारतीय का बेंक व्यवस्था में जो विस्वास था ,उसे तोड़ दिया हैं इस देश व् हर क्षेत्र में हतासा फेलने का काम किया हैं, देश की न्यायपालिका से किसी भी स्तर पर वास्ता पड़ा हैं वह व्यक्ति बता सकता हैं की किस हद तक भ्रष्टाचार व्याप्त हैं लेकिन न्याय व्यवस्था को सुधारने के लिए आजतक किसी भी सरकार ने ठोस कदम नही उठाया ! देश में ऐसे तमाम मुद्दे है जिस पर वर्तमान की सरकार भी ध्यान देना उचित नही समझती हैं आज जरुरत इसी बात की हैं की देशवासी इन बुनयादी सवालों के हल खोजे और उन्हें लागु करने के लिए माहौल बनाये ! आओ सब मिलकर एक जुट हो जाये , राष्ट्र को भ्रष्ट मुक्त बनाये , “ नोटा “ से नेताओं की नींद जगाये !

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