प्रत्याशियों/ नेताओ को सुधारे सकता है नोटा

विधानसभा चुनाव में नोटा ऑप्शन आने के बाद प्रत्याशियों के लिए खतरनाक साबित होने का भय बना हुआ है। बीते चुनाव में करीब १० हजार से अधिक नोटा का उपयोग होने के बाद अब लोगों के लिए भले ही नया ऑप्शन हो, लेकिन प्रत्याशियों के लिए किसी खतरे से खाली नहीं है।
जिले पर नजर डालें तो वर्ष २०१३ में पहली बार नोटा आने पर पथरिया विधानसभा में २५१४ लोगों ने नोटा को पसंद किया था। इसी तरह से दमोह विधानसभा में १७५८ ने प्रत्याशी पसंद नहीं आने पर नोटा का बटन दबाया था। इसी तरह से जबेरा विधानसभा में सबसे अधिक ३०२१ मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाकर प्रत्याशियों को नापसंद किया था। हटा विधानसभा में भी २९२८ लोगों ने नोटा का बटन दबाकर अपने मन का प्रत्याशी नहीं होने का उदाहरण प्रस्तुत किया था।
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किस विधानसभा में क्या रही थी स्थिति-
विधानसभा कुल मतदाता डाले गए मत सर्वाधिक निकटतम अंतर
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पथरिया- १९७६४२ १४०६७३ लखन- बीजेपी-६००८३ पुष्पेंद्र-कांग्रेस-५२७६८ ७०३१५
दमोह- २१२५७१ १५१५४६ जयंत-बीजेपी-७२५३४ चंद्रभान–कांग्रेस-६७५८१ ४९५३
जबेरा- १९८९९९ १४६८६६ प्रताप-कांग्रेस-६८५११ दशरथ-बीजेपी-५६६१५ ११८९६
हटा २०१५०८ १२७४४३ उमादेवी-बीजेपी-५९२३१ हरिशंकर-कांग्रेस-५६३७९ २८५२
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अगर जिले के चारों विधानसभाओं पर नजर डाली जाए तो निश्चित ही विधानसभाओं में अपना भाग्य आजमा रहे प्रत्याशियों को न पसंद करने वालों की संख्या १० हजार २२१ रही थी। जिसमें सबसे अधिक जबेरा में ३०२१ लोगों ने प्रत्याशियों की जगह नोटा पसंद किया था। उससे कम हटा, पथरिया फिर दमोह रहा था। इसमें खास बात यह देखने आई कि हटा में भाजपा प्रत्याशी महज २८५२ मतों से विजयी रहीं थीं। जबकि यहां पर उससे अधिक २९२८ नोटा का बटन दबा था। अर्थात यदि नोटा की जगह यही वोट कांग्रेस प्रत्याशी को चली जाती तो पांसा पलटते देर नहीं लगती।
एट्रोसिटी एक्ट के बाद गूंजा नोटा-
पिछले दिनों जब लोकसभा व राज्यसभा के बाद एट्रोसिटी एक्ट कानून लागू हुआ तो एक वर्ग विशेष के लोगों ने नोटा को पसंद करने सोशल मीडिया पर जमकर प्रचार किया था। उसके बाद फिर अलग-अलग पार्टियों का गठन भी किया जाने लगा। और फिर उन्हीें में से कुछ लोग चुनावी समर में कूद पड़े। जिसके बाद नोटा का प्रचार करने वाले वही लोग अपने पक्ष में मतदान करने की अपील करने लगे। लेकिन फिर भी लगभग प्रत्येक उम्मीदवार को नोटा का खतरा अभी भी बना हुआ है। जिसमें प्रत्याशी हर वर्ग को मनाने के लिए कमर कसता नजर आ रहा है।

-विधानसभा हार-जीत का अंतर- -नोटा
-पथरिया ७३१५ २५१४
-दमोह ४९५३ १७५८
-जबेरा ११८९६ ३०२१
-हटा २८५२ २९२८
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