पहली बार चुनावों में नोटा को माना जाएगा एक प्रत्याशी,अन्य उम्मीदवारों व चुनाव पर होगा क्या असर? पढे पूरी ख़बर

: देशभर में ऐसा बनने जा रहा है, जहां चुनाव में नोटा को एक प्रत्याशी के रूप में माना जाएगा और नोटा को सभी प्रत्याशियों के मुकाबले सबसे अधिक वोट मिलने पर चुनाव रद्द कर नया चुनाव कराया जाएगा। साथ ही पहले चुनाव के प्रत्याशी अयोग्य माने जाएंगे और उन्हें दूसरे चुनाव में लडने का मौका नहीं मिलेगा।


कोई संवैधानिक अड़चन नहीं

निर्वाचन अधिकारी ने गुरूवार को यहां चुनाव कार्यक्रम जारी करते हुए इस नए प्रयोग की जानकारी दी। निर्वाचन अधिकारी ने पत्रकारों से बातचीत में इस नई पहल की जानकारी दी। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि इस पहल को लागू करने में कोई संवैधानिक या वैधानिक अड़चन नहीं है।


राज्य में 2016 में लागू हुआ नोटा

उन्होंने कहा कि हरियाणा में पहली बार वर्ष 2016 में निकाय चुनाव में नोटा लागू किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2013 में मतदान में नोटा लागू करने का आदेश दिया था। इसके अनुसार मतदाता को किसी भी चुनाव में कुल प्रत्याशियों में से कोई प्रत्याशी पसंद न होने पर नन आफ द एबव अथवा नोटा का विकल्प उपलब्ध कराया गया था।


इस दिन होगा नामांकन,यह होगी मतदान की तारीख

उन्होंने बताया कि नगर निगम हिसार, रोहतक, यमुनानगर, पानीपत और करनाल के साथ नगर कमेटी जाखल मंडी और पुण्डरी के चुनाव के लिए नामांकन दाखिले की सूचना 24 नवम्बर को जारी कर दी जाएगी। इसके बाद 1 दिसंबर से नामांकन दाखिला शुरू कर 6 दिसंबर तक पूरा किया जाएगा। इस बीच रविवार को अवकाश रहेगा। कार्यक्रम के अनुसार 7 दिसंबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। नामांकन वापसी 8 दिसंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक की जा सकेगी। इसी दिन दोपहर तीन बजे बाद चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए जाएंगे। इसी दिन चुनाव मैदान में मौजूद प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी जाएगी। साथ ही मतदान केन्द्रों की सूची भी जारी कर दी जाएगी। इसके बाद 16 दिसंबर को सुबह साढ़े सात बजे से शाम साढ़े चार बजे तक मतदान कराया जाएगा। जरूरत पर पुनर्मतदान 18 दिसंबर को कराया जाएगा। मतगणना 19 दिसंबर को संबंन्धित जिला उपायुक्तों द्वारा तय किए गए स्थानों पर की जाएगी और इसी दिन नतीजे घोषित किए जायेंगे।


ईवीएम से होंगे चुनाव

दिलीप सिंह ने बताया कि चुनाव ईवीएम से कराए जाएगे। ईवीएम मल्टी पोस्ट होंगे। इनमें कंट्रोल तो एक जगह से होगा लेकिन मेयर और पार्षद पदों के मतदान के लिए पोस्ट अलग-अलग होंगे। हरियाणा सरकार ने मेयर पद का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने का फैसला किया था। इसलिए मेयर पद के मतदान के लिए पोस्ट अलग रखा जाएगा।


मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मेयर का चुनाव प्रत्यक्ष निर्वाचन प्रणाली से यानि सीधे मतदान से कराया जाएगा लेकिन सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुने गए पार्षदों के जरिए ही कराए जाएंगे।

 

बढाई प्रत्याशियों के खर्च की सीमा

उन्होंने बताया कि निकाय चुनाव में प्रत्याशियों के खर्च की सीमा बढा दी गई है। मेयर पद के प्रत्याशी 20 लाख रूपए खर्च कर सकेंगे। निगम पार्षद पद के प्रत्याशी 5 लाख रूपए खर्च कर सकेंगे। नगर कमेटी पार्षद पद के प्रत्याशी दो लाख रूपए खर्च कर सकेंगे। चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न होने के बाद 30 दिन में प्रत्याशियों को खर्च का ब्यौरा देना होगा। चुनाव खर्च का ब्यौरा न देने वाले प्रत्याशी आगे चुनाव लडने के अयोग्य घोषित किए जायेंगे। इस श्रेणी में 531 प्रत्याशी अयोग्य घोषित किए गए है। आदर्श आचार संहिता चुनाव क्षेत्र में ही लागू होगी लेकिन राज्य सरकार कोई भी नई घोषणा राज्य निर्वाचन आयोग की अनुमति के बाद ही जारी कर सकेगी। चुनाव में शराब और पैसे जैसे अनुचित साधनों का प्रयोग रोकने के लिए हर जिले में पुलिस और प्रशासन के साथ खर्च संबंधी पर्यवेक्षक भी तैनात रहेंगे। सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जाएगी।

 

136 वार्ड में होंगे चुनाव

दिलीप सिंह ने बताया कि पानीपत मेयर का पद पिछडा वर्ग महिला,करनाल मेयर का पद महिला के लिए आरक्षित है। हिसार,रोहतक और यमुनानगर मेयर के पद अनारक्षित है। नगर कमेटी जाखल मंडी और पुण्डरी के अध्यक्ष पद महिला के लिए आरक्षित है। चुनाव कुल 136वार्ड में होंगे और कुल 1292 मतदान केन्द्र बनाए जायेंगे।

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