“नोटा को वोट दो, राइट टू रिजेक्ट लो” नारे के साथ मुहीम हुई तेज

लोकतंत्र मुक्ति आन्दोलन के संयोजक प्रताप चन्द्रा नें लखनऊ में वार्ड हिन्दनगर, खरिका और शारदानगर में फोकस करके नोट को वोट डालनें का अभियान चलाया जिससे “राइट टू रिजेक्ट” कानून बन सके | जनता से अपील की गई कि नोटा को जितायें जिससे प्रत्याशियों को रिजेक्ट करनें का कानून बन जाये | चुनाव आयोग से कई साल से मांग की जा रही है कि नोटा को राईट टू रिजेक्ट माना जाये | प्रताप चन्द्रा नें बताया कि आज तक पूरे देश में किसी प्रत्याशी ज्यादा वोट नोटा को नहीं मिले हैं इसीलिए नोटा नन ऑफ़ दी एबव का बटन होने के बावजूद राईट टू रिजेक्ट नहीं बन सका है, लिहाजा स्वच्छ राजनीती चाहने वालों से अपील की जा रही है कि किसी एक वार्ड में नोटा को अन्य प्रत्याशियों से ज्यादा वोट मिल जाये तो देश के लोकतंत्र में न सिर्फ उस वार्ड का नाम सुनहरे अक्षरों से लिखा जायेगा बल्कि राईट टू रिजेक्ट का कानून बन जायेगा, जिसकी डर से प्रत्याशी न सिर्फ जनहित में काम करेंगे बल्कि पार्टियाँ भी अच्छे प्रत्याशी को टिकट देनें को बाध्य हो जायेंगी | “नोटा को वोट दो, राइट टू रिजेक्ट लो” नारे के साथ मुहीम हुई तेज विदित हो कि लोकतंत्र मुक्ति आन्दोलन पिछले कई वर्षों से स्वच्छ राजनीती के लिए चुनाव में अवसर की समता हेतु संघर्ष कर रही है जिसके परिणामस्वरुप पंजाब और दिल्ली के निगम चुनावों में भी ईवीएम पर प्रत्याशियों की फोटो छापने का आदेश हुआ और अब उत्तर प्रदेश नगर निकाय चुनाव में भी निर्वाचन आयोग नें ईवीएम पर प्रत्याशियों की फोटो छापने का आदेश किया |

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