नेताओं में बेचैनी : मतदाताओं में कहीं इस बार भी नोटा न बन जाए ‘तीसरा मोर्चा’

जयपुर। पिछले चुनाव की स्थिति देखते हुए नोटा (Nota) को लेकर नेताओं में घबराहट है। पिछले चुनाव में जयपुर शहर की 8 विधानसभा सीटों में से 4 पर नोटा तीसरे नम्बर पर रहा था। भाजपा और कांग्रेस के बाद मतदाताओं ने सर्वाधिक वोट नोटा पर डाले। अन्य प्रत्याशियों को नोटा से कम वोट मिले थे। पार्टियों के लिए परेशानी बने नोटा का विकल्प मतदाता कम से कम काम में लें, इसके लिए भाजपा ने मण्डल अध्यक्षों को ज्यादा से ज्यादा लोगों के सम्पर्क में रहने के निर्देश दिए हैं। खासकर बूथ स्तर पर बनाए गए कार्यकर्ताओं को आवंटित मतदाताओं से निरंतर सम्पर्क में रहने को कहा गया है। इनमें किशनपोल, मालवीयनगर, सांगानेर व सिविल लाइन्स विस शामिल है। आदर्शनगर में वोटिंग में नोटा चौथे पायदान पर रहा लेकिन जीत के कम अंतर ने धडकऩ बढ़ा दी थी। यहां विधायक अशोक परनामी का जीत का अंतर 3803 वोट का ही रहा। नोटा का बटन 1264 मतदाताओं ने दबाया था। जीत के कम अंतर और नोटा की उक्त संख्या को देखते हुए ही संगठन इस तरफ ध्यान बढ़ा रहा है।

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